लाला लाजपत राय को उनकी जयंती २८
-जन. के अवसर पर
श्रद्धांजली
जिसके रक्त का कण-कण -
शहीद भगत सिंह की रग-रग में समा गया
जिसके लहू का कतरा-कतरा-
आजादी की राह दिखा गया
औ जिसके खौलते खून से -
आखिर ब्रिटिश साम्राज्य भी थर्रा गया
ऐसे अमर शहीद लाला लाजपत राय को -
नमन शत शत नमन कौटिश: नमन
मूल रचना २१-१-१९७२ द्वारा-
लक्ष्मण लडीवालाजयपुर राजस्थान