नन्ही लिखिका अक्षिता रास्ट्रीय बल पुरस्कार लेते हुए
ढेर सारा प्यार,बधाई और शुभ् कामनाए
"दि. २४ नव. २०११. इंटरनेट पर हिन्दी की सबसे नन्ही
लेखिका को भारत सरकार ने राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से
सम्मानित किया है. संभवतः ये पहला मौक़ा है जब भारत
सरकार ने किसी प्रतिभा को हिन्दी के चिट्ठे के लिए
सम्मानित किया है. ये सम्मान प्राप्त करने वाली अक्षिता
ने अभी पांच बसंत भी पूरे नहीं देखे है. "
पोने पांच साल की उम्र. हिन्दी का एक चिट्ठा...
और राष्ट्रीय स्तर पर दो बड़े पुरस्कार. ये एक
नन्ही सी,छोटी सी बिटिया पाखी की ऊंची उड़ान
की शुरुआत है. हमें उस नन्ही सी अक्षिता पर
गर्व है | हिंदी साहित्य जगत की इतनी कम उम्र
की यह धरोहर बन चुकी है | मेरा एवं मेरे पुरे
परिवार की और से ढेर सारा प्यार एवेम हार्दिक
शुभ कामनाए | साथ ही उसके माता-पिता को भी
बहुत बहुत बधाई,जिन्होंने अछे संस्कार एवं
परवरिश कर उपलब्धि में महती योगदान दिया है |
जानकारी उपलब्ध करने के लिए हिंदी होम पेज
को भी धन्यवाद |
-लक्ष्मण प्रसाद लडीवाला,जयपुर