अंगद के पाव-सा अड़ गया
गाँधी बाबा का प्रयोग सफल हो गया
सत्य अहिंसा के बल पर जब
पराधीन भारत स्वतंत्र हो गया.।
गाँधी तो क्या,बाबा भीमराव को भी
नही पता था- भारत का जन-तन्त्र
भ्रष्ट-तन्त्र मे बदल जाएगा
गोपाल कृष्ण की गऊ का चारा
दो पाँव वाला ही चर जाएगा ।
अति सर्वत्र वर्जते
अब फिर एक ईमानदार आदमी अड़गया
गाँव-गाँव ढाणी-ढाणी
जन-जन को जगा गया
देश के युवाओ को नयी राह दिखा गया
सोशल नेटवर्किंग का सफल प्रयोग हो गया|
फिर एक ईमानदार आदमी अड़ गया,
जान माल के नुकसान और
सड़क-रेल जाम किए बिना
सफल आंदोलन करने का
"अन्ना-गिरी" शस्त्र दे गया|
जन-बल के आगे भ्रष्ट-तंत्र झुक गया
संसद भी एक स्वर से सेलयूट (सलाम) कर गया-
जब ईमानदार अन्ना -
अंगद के पाँव सा अड़ गया|
कृष्णम-वन्दे जगदगुरु" विवेक-आनंद से
एक बार फिर सर्व सिद्ध हो गया|
जब एक ईमानदार आदमी
अंगद के पाँव सा अड़गया!!
- लक्ष्मण प्रसाद लड़ीवाला
"कृष्णा-साकेत", 165,गंगोत्री नगर,
गोपालपुरा बाईपास,टोंकरोड,
जयपुर (राजस्थान)-302018
मो.- 9314249608
No comments:
Post a Comment