Tuesday, November 19, 2013

तुम मेरे आधार (दोहे)

तुम मेरे आधार (जन्म दिवस पर विशेष)

अडसठ बसंत गुजारे, पाकर सबका प्यार
गुरुवर अरु माँ-बाप का, वरदहस्त आधार |

सद्गुरु को मै दे सकूँ, ऐसी क्या सौगात, 
चरण पखारूँ अश्क से,इतनी ही औकात |

समर्पण निःशेष रहे, तुम मेरे आधार,
तुमसे तुम्हे मांग लू,करे अगर स्वीकार | 

जन्म दिवस पर दे रही,माँ मुझको आशीष 
सद्कर्मी पथ पर चलूँ, भला करे जगदीश | 

घर पर सब मिलजुल रहे, एक दूजे के संग 
घर पर यूँ खिलते रहे, प्रेम प्रीत के रंग |

मर्यादित जीवन रहे,रहे न चिंता युक्त 
अपना ये जीवन रहे, बुरे काम से मुक्त |

पत्नी मेरी जिन्दगी, बच्चे मेरा प्यार,
जुड़े रहे हर हाल में, इनसे मेरे तार |

सुधीजनों से मिल रहा, मुझको सचमुच प्यार
मुक्त ह्रदय से मानता,मै सबका आभार  |

प्रभु भक्ति में लीन रहूँ, मन पर रहे न  बोझ,
बनी रहे ओकात ये, करू  प्राथना  रोज  | 

-लक्ष्मण प्रसाद लडीवाला 
दिनांक 19 नवम्बर, 2013

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