तुम मेरे आधार (जन्म दिवस पर विशेष)
अडसठ बसंत गुजारे, पाकर सबका प्यार
गुरुवर अरु माँ-बाप का, वरदहस्त आधार |
सद्गुरु को मै दे सकूँ, ऐसी क्या सौगात,
चरण पखारूँ अश्क से,इतनी ही औकात |
समर्पण निःशेष रहे, तुम मेरे आधार,
तुमसे तुम्हे मांग लू,करे अगर स्वीकार |
जन्म दिवस पर दे रही,माँ मुझको आशीष
सद्कर्मी पथ पर चलूँ, भला करे जगदीश |
घर पर सब मिलजुल रहे, एक दूजे के संग
घर पर यूँ खिलते रहे, प्रेम प्रीत के रंग |
मर्यादित जीवन रहे,रहे न चिंता युक्त
अपना ये जीवन रहे, बुरे काम से मुक्त |
पत्नी मेरी जिन्दगी, बच्चे मेरा प्यार,
जुड़े रहे हर हाल में, इनसे मेरे तार |
सुधीजनों से मिल रहा, मुझको सचमुच प्यार
मुक्त ह्रदय से मानता,मै सबका आभार |
प्रभु भक्ति में लीन रहूँ, मन पर रहे न बोझ,
बनी रहे ओकात ये, करू प्राथना रोज |
-लक्ष्मण प्रसाद लडीवाला
दिनांक 19 नवम्बर, 2013
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