Tuesday, November 19, 2013

हम अब है आजाद ? (दोहे)

हम अब है आजाद  ?
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काट भुजा इस देश की, किया हमें आजाद,
चुभते अंतस शूल से, मन में है अवसाद  | 

गांधी के इस देश मेंहिंसा है आबाद,
निरपराध है जेल मेंअपराधी आजाद ?

भ्रष्टाचारी कर रहेभारत को बर्बाद,
देश भक्त कैसे कहे,हम अब है आजाद  |

संत वेष में घूमतेदुष्कर्मी आजाद,
नारी पीड़ा सह रहीलिए हुए अवसाद |

फैलाते है गंदगी,  करते  खूब  विवाद,
नेताओं की मसखरीजनता में अवसाद  |

राजनीति के मंच परअपराधी है आम,
संसद है उनके लिएजन्नत जैसा धाम |

न्याय-पालिका से करेजनता ये फ़रियाद,
बची जहां कुछ शेष हैआजादी की खाद |

जनता के ही वोट सेलोकतंत्र आबाद,
भारत माँ को रख सकेजनता ही आजाद |

-लक्ष्मण प्रसाद लडीवाला 
११-११-२०१३

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