Friday, December 9, 2011

जीवन मरुस्थल नहीं है हमारा

जीवन मरुस्थल नहीं है हमारा 
जीवन शास्वत सत्य है जीवन इश्वर की प्यारी दें है |
जीवन जीने का नाम है, जीवन में सार है, अरमान है 
वापस ला सकता है जो थे हमारे अपने, हमारे सपने 
बगैर आडम्बर के पूरी हो सकती है आकंशाए सपने |

भरोसा करना होगा, सजगता से साथ साथ चलना होगा
सुनहरे सपनो को आँखों मेंगहरे से सजोने होगा,
अमली जामा पहनाने की लगन से कृत्य करना होगा-

By LAXMAN LADIWALA, JAIPUR

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