Monday, December 19, 2011

चहरे की रौनक होती है बेटियां


  चहरे की रौनक होती है बेटियां 

वैसे तो बेटे और बेटियां दोनों ही है-
 मां-बांप के चेहरे की रौनक 
मगर पहले बचानी होगी-
जो है  घर- घर की आबरू-
खुशबु
खुशबू  नहीं होगी तो-
 फूल, फूल नहीं कहलायेगा 
खुशबु और आबरू रहेगी तो-
 फूल और उग, फल-फूल जायेंगा |
घर के आँगन में अगर फूल-
  खुशबू महकाएगा ,
खुशबू भरे फूलों को माली-
 माला में पिरो सुन्दर माला बनायेंग |
माला प्रभु के गले में -
शोभा बढ़ा इठलाएंगी |
फूलों  पर भँवरे मंडराएंगे-
गुन-गुन  गाना गायेंगे |
फूल फूल पर रंग बिरंगी-
 तितलियाँ-
उडतो फिरती-
 रस चूमती नजर आएँगी |

रचनाकर - लक्ष्मण लडीवाला, जयपुर 

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