एक आश्वासन भगवन भक्त का --
मुझे सुनाई दी, बोली मुझसे मेरी आत्मा
पढ़ले तू वेद, पुराण या कुरान कलमां|
मै बैठा हूँ गिरजाघर और मंदिरों में,
मिलजाएँगी परछाई गुरुद्वारों मस्जिदों में:
कण कण में, ख्वाईशो में,इश्क की फरमाईशोमे
प्यार दिल से करों तो मै मिलूंगा सोहीणी-महिवाल में
सच मानो मै मिलूँगा हीर-राँझा औ शिरिन फ़रहाद में |
द्वारा - लक्ष्मण लडीवाला, जयपुर दि. 17-12-11
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