Thursday, August 29, 2013

इनसे नाता जोड़

इनसे नाता जोड़

परिचय करते वक्त ही,  पहले पूछे नाम
परिचय सुद्रड़ हो तभी, करे बात की काम॥ 
परिचय देवे पेड़ का, बच्चे को बतलाय,
इनके क्या क्या नाम है,अच्छे से समझाय 

कन्द मूल खाकर रहे, वन में सीता राम,
चौदह वर्षों तक किया, पेड़ तले विश्राम ||

वृक्षों में मै पीपल हूँ, कृष्ण स्वयं बतलाय
वृक्षों में भी प्राण है, इसको वह समझाय || 

वटवृक्ष  तले बैठकर, लिया बुद्ध ने ज्ञान,
पेड़ पौध सब सांस ले, गौत्तम दे संज्ञान       

प्रभु कृपा से पेड़ मिले, ईसा का सन्देश,
रब दी छाया पेड़ से, नानक का उपदेश ||

कोंपल कुचले ना कभी, टहनी को मत तोड़,
तन-मन ताजा रह सके, इनसे नाता जोड़ ||

- लक्ष्मण प्रसाद लडीवाला

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